सामग्री पर जाएं / Skip to Content
Kisaan Buddy Icon
KisaanBuddy
सभी लेखों पर वापस जाएं
मौसम और जलवायु

कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए खरीफ फसल चयन गाइड

महेन्द्र सिंह, शुष्क भूमि विस्तार विशेषज्ञप्रकाशित: 2026-06-05संशोधित: 2026-06-18
कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए खरीफ फसल चयन गाइड

जब मानसून की शुरुआत में देरी होती है, तो धान या कपास बोना अत्यधिक जोखिम भरा हो जाता है। मध्य भारत के उन क्षेत्रों के लिए जहां 600 मिमी से कम वार्षिक वर्षा होती है, सूखा-सहनशील लघु-अवधि की फसलों का चयन करना घरेलू आय सुनिश्चित करने की कुंजी है।

अनुशंसित फसलें शामिल हैं: 1. **उड़द (Black Gram)**: पकने में केवल 70-80 दिन लगते हैं। अनुशंसित किस्में: IPU 2-43 या पंत यू 31। 2. **मूंग (Green Gram)**: अत्यधिक सूखा-प्रतिरोधी। 60-70 दिनों में पकती है। किस्में: IPM 02-3 या MH 125। 3. **बाजरा (Pearl Millet)**: रेतीली मिट्टी में पनपता है। किस्में: एचएचबी 67 संशोधित (HHB 67 Improved)।

यदि बुवाई में 15 जुलाई से अधिक की देरी होती है, तो लंबी अवधि की फसलों से बचें। इसके बजाय कम अवधि वाली दालों या पशुओं के चारे वाली फसलों की खेती करें।

सत्यापित कृषि शिक्षाइस गाइड में भारतीय राज्य कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा अनुशंसित वास्तविक प्रथाओं के पैकेज शामिल हैं और प्रमाणित विस्तार कार्यकर्ताओं द्वारा इसकी जांच की गई है।
#खरीफ फसलें#कम वर्षा#सूखा प्रतिरोध#दलहन की खेती

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न