मंडी भाव का रुझान: अधिक मुनाफे के लिए फसल कटाई का सही समय
फसल विपणन में सही समय ही सब कुछ है। अधिकांश किसान कटाई के तुरंत बाद अपनी फसलें बेच देते हैं, जिससे मंडी में अचानक भारी आवक हो जाती है और परिणामस्वरूप कीमतें गिर जाती हैं। मौसमी आवक का विश्लेषण करने से बेहतर निर्णय लेने में मदद मिलती है।
उदाहरण के लिए, राजस्थान की कोटा मंडी में, सोयाबीन की कीमतें आम तौर पर अक्टूबर-नवंबर में कटाई के पीक सीजन के दौरान सबसे निचले स्तर पर होती हैं। जिन किसानों के पास वैज्ञानिक भंडारण सुविधाएं (जैसे गोदाम) हैं, वे अपनी सूखी सोयाबीन का भंडारण कर सकते हैं और इसे फरवरी-मार्च में बेच सकते हैं, जब आवक कम हो जाती है और कीमतें 15% से 25% तक बढ़ जाती हैं।
कटाई से पहले, ई-नाम (eNAM) पोर्टल और किसानमित्र (KisaanBuddy) मंडी दरों की जांच करें। सुनिश्चित करें कि आपकी फसल ठीक से सूखी हो (अनाज के लिए नमी 12% से कम हो) ताकि उसे बिना खराब हुए स्टोर किया जा सके। बंद सीजन (ऑफ-सीजन) की मांग के दौरान बेचने से निवेश पर बहुत अधिक लाभ मिलता है।